मुख्य सामग्रीवर वगळा

नियति बड़ी है🎷


नियति बड़ी है 🎷

 मृत्यु के देवता यमराज ने अपने एक दूत को पृथ्वी पर भेजा । एक स्त्री मर गयी थी, उसकी आत्मा को लाना था। देवदूत आया, लेकिन चिंता में पड़ गया। क्योंकि तीन छोटी-छोटी लड़कियां जुड़वां–एक अभी भी उस मृत स्त्री के स्तन से लगी है। एक चीख रही है, पुकार रही है। एक रोते-रोते सो गयी है, उसके आंसू उसकी आंखों के पास सूख गए हैं ।


तीन छोटी जुड़वां बच्चियां और स्त्री मर गयी है, और कोई देखने वाला नहीं है। पति पहले मर चुका है। परिवार में और कोई भी नहीं है। इन तीन छोटी बच्चियों का क्या होगा?


उस देवदूत को यह खयाल आ गया, तो वह खाली हाथ वापस लौट गया। उसने जा कर अपने प्रधान को कहा कि मैं न ला सका, मुझे क्षमा करें, लेकिन आपको स्थिति का पता ही नहीं है। तीन जुड़वां बच्चियां हैं–छोटी-छोटी, दूध पीती। एक अभी भी मृत स्तन से लगी है, एक रोते-रोते सो गयी है, तिसरी अभी चीख-पुकार रही है। हृदय मेरा ला न सका।🙏

 क्या यह नहीं हो सकता कि इस स्त्री को कुछ दिन और जीवन के दे दिए जाएं? कम से कम लड़कियां थोड़ी बड़ी हो जाएं। और कोई देखने वाला नहीं है।

मृत्यु के देवता ने कहा, "तो तू फिर उससे ज्यादा समझदार हो गया; जिसकी मर्जी से मौत होती है, जिसकी मर्जी से जीवन होता है!"


तो तूने पहला पाप कर दिया, और इसकी तुझे सजा मिलेगी। और सजा यह है कि तुझे पृथ्वी पर चले जाना पड़ेगा। और जब तक तू तीन बार न हंस लेगा अपनी मूर्खता पर, तब तक वापस न आ सकेगा।

इसे थोड़ा समझना। तीन बार न हंस लेगा अपनी मूर्खता पर–क्योंकि दूसरे की मूर्खता पर तो अहंकार हंसता है। जब तुम अपनी मूर्खता पर हंसते हो तब अहंकार टूटता है।

देवदूत को लगा नहीं। वह राजी हो गया दंड भोगने को, लेकिन फिर भी उसे लगा कि सही तो मैं ही हूं। और हंसने का मौका कैसे आएगा?

 देवदूत को जमीन पर फेंक दिया गया।

एक मोची, सर्दियों के दिन करीब आ रहे थे और बच्चों के लिए कोट और कंबल खरीदने शहर जा रहा था, कुछ रुपए इकट्ठे कर के।

जब वह शहर जा रहा था तो उसने राह के किनारे एक नंगे आदमी को पड़े हुए, ठिठुरते हुए देखा। यह नंगा आदमी वही देवदूत था, जो पृथ्वी पर फेंक दिया गया था।

 मोची को दया आ गयी।

और बजाय अपने बच्चों के लिए कपड़े खरीदने के, उसने इस आदमी के लिए कंबल और कपड़े खरीद लिए। इस आदमी को कुछ खाने-पीने को भी न था, घर भी न था, छप्पर भी न था जहां रुक सके। तो मोची ने कहा कि अब तुम मेरे साथ ही आ जाओ। लेकिन अगर मेरी पत्नी नाराज हो–जो कि वह निश्चित होगी, क्योंकि बच्चों के लिए कपड़े खरीदने लाया था, वह पैसे तो खर्च हो गए–वह अगर नाराज हो, चिल्लाए, तो तुम परेशान मत होना। थोड़े दिन में सब ठीक हो जाएगा।

उस देवदूत को ले कर मोची घर लौटा। न तो मोची को पता है कि देवदूत घर में आ रहा है, न पत्नी को पता है। जैसे ही देवदूत को ले कर मोची घर में पहुंचा, पत्नी एकदम पागल हो गयी। बहुत नाराज हुई, बहुत चीखी-चिल्लायी।

और देवदूत पहली दफा हंसा। मोची ने उससे कहा, हंसते हो, बात क्या है? उसने कहा, मैं जब तीन बार हंस लूंगा तब बता दूंगा।

देवदूत हंसा पहली बार, क्योंकि उसने देखा कि इस पत्नी को पता ही नहीं है कि मोची देवदूत को घर में ले आया है, जिसके आते ही घर में हजारों खुशियां आ जाएंगी। लेकिन आदमी देख ही कितनी दूर तक सकता है! पत्नी तो इतना ही देख पा रही है कि एक कंबल और बच्चों के कपड़े नहीं बचे। जो खो गया है वह देख पा रही है, जो मिला है उसका उसे अंदाज ही नहीं है–मुफ्त! घर में देवदूत आ गया है। जिसके आते ही हजारों खुशियों के द्वार खुल जाएंगे। तो देवदूत हंसा। उसे लगा, अपनी मूर्खता–क्योंकि यह पत्नी भी नहीं देख पा रही है कि क्या घट रहा है!

जल्दी ही, क्योंकि वह देवदूत था, सात दिन में ही उसने मोची का सब काम सीख लिया। और उसके जूते इतने प्रसिद्ध हो गए कि मोची महीनों के भीतर धनी होने लगा। आधा साल होते-होते तो उसकी ख्याति सारे लोक में पहुंच गयी कि उस जैसा जूते बनाने वाला कोई भी नहीं, क्योंकि वह जूते देवदूत बनाता था। सम्राटों के जूते वहां बनने लगे। धन अपरंपार बरसने लगा।

एक दिन सम्राट का आदमी आया। और उसने कहा कि यह चमड़ा बहुत कीमती है, आसानी से मिलता नहीं, कोई भूल-चूक नहीं करना। जूते ठीक इस तरह के बनने हैं। और ध्यान रखना जूते बनाने हैं, स्लीपर नहीं। क्योंकि रूस में जब कोई आदमी मर जाता है तब उसको स्लीपर पहना कर मरघट तक ले जाते हैं। मोची ने भी देवदूत को कहा कि स्लीपर मत बना देना। जूते बनाने हैं, स्पष्ट आज्ञा है, और चमड़ा इतना ही है। अगर गड़बड़ हो गयी तो हम मुसीबत में फंसेंगे।

लेकिन फिर भी देवदूत ने स्लीपर ही बनाए। जब मोची ने देखे कि स्लीपर बने हैं तो वह क्रोध से आगबबूला हो गया। वह लकड़ी उठा कर उसको मारने को तैयार हो गया कि तू हमें फांसी लगवा देगा! और तुझे बार-बार कहा था कि स्लीपर बनाने ही नहीं हैं, फिर स्लीपर किसलिए?

देवदूत फिर खिलखिला कर हंसा।

तभी एक आदमी सम्राट के घर से भागा हुआ आया। उसने कहा, जूते मत बनाना, स्लीपर बनाना। क्योंकि सम्राट की मृत्यु हो गयी है।

भविष्य अज्ञात है। सिवाय उसके और किसी को ज्ञात नहीं। और आदमी तो अतीत के आधार पर निर्णय लेता है। सम्राट जिंदा था तो जूते चाहिए थे, मर गया तो स्लीपर चाहिए। तब वह मोची उसके पैर पकड़ कर माफी मांगने लगा कि मुझे माफ कर दे, मैंने तुझे मारने के लिये लाकडी उठाई। पर उसने कहा, कोई हर्ज नहीं। मैं अपना दंड भोग रहा हूं

लेकिन वह हंसा आज दुबारा। मोची ने फिर पूछा कि हंसी का कारण? उसने कहा कि जब मैं तीन बार हंस लूं…।

दुबारा हंसा इसलिए कि भविष्य हमें ज्ञात नहीं है। इसलिए हम आकांक्षाएं करते हैं जो कि व्यर्थ हैं। हम अभीप्साएं करते हैं जो कि कभी पूरी न होंगी। हम मांगते हैं जो कभी नहीं घटेगा। क्योंकि कुछ और ही घटना तय है। हमसे बिना पूछे हमारी नियति घूम रही है। और हम व्यर्थ ही बीच में शोरगुल मचाते हैंचाहिए स्लीपर और हम जूते बनवाते हैं। मरने का वक्त करीब आ रहा है और जिंदगी का हम आयोजन करते हैं।

तो देवदूत को लगा कि वे बच्चियां! मुझे क्या पता, भविष्य उनका क्या होने वाला है? मैं नाहक बीच में आया।

और तीसरी घटना घटी कि एक दिन तीन लड़कियां आयीं जवान। उन तीनों की शादी हो रही थी। और उन तीनों ने जूतों के आर्डर दिए कि उनके लिए जूते बनाए जाएं। एक बूढ़ी महिला उनके साथ आयी थी जो बड़ी धनी थी। देवदूत पहचान गया, ये वे ही तीन लड़कियां हैं, जिनको वह मृत मां के पास छोड़ गया था और जिनकी वजह से वह दंड भोग रहा है। वे सब स्वस्थ हैं, सुंदर हैं।

उसने पूछा कि क्या हुआ? यह बूढ़ी औरत कौन है?

उस बूढ़ी औरत ने कहा कि ये मेरी पड़ोसिन की लड़कियां हैं। गरीब औरत थी, उसके शरीर में दूध भी न था। उसके पास पैसे-लत्ते भी नहीं थे। और तीन बच्चे जुड़वां। वह इन्हीं को दूध पिलाते-पिलाते मर गयी। लेकिन मुझे दया आ गयी, मेरे कोई बच्चे नहीं हैं, और मैंने इन तीनों बच्चियों को पाल लिया।

अगर मां जिंदा रहती तो ये तीनों बच्चियां गरीबी, भूख और दीनता और दरिद्रता में बड़ी होतीं। मां मर गयी, इसलिए ये बच्चियां तीनों बहुत बड़े धन-वैभव में, संपदा में पलीं। और अब उस बूढ़ी की सारी संपदा की ये ही तीन मालिक हैं। और इनका सम्राट के परिवार में विवाह हो रहा है।

देवदूत तीसरी बार हंसा और मोची को उसने कहा कि ये तीन कारण हैं। भूल मेरी थी। नियति बड़ी हैऔर हम उतना ही देखते हैं, जितना देख पाते हैं। जो नहीं देख पाते, बहुत विस्तार है उसका। और हम जो देख पाते हैं उससे हम कोई अंदाज नहीं लगा सकते, जो होने वाला है, जो होगा। मैं अपनी मूर्खता पर तीन बार हंस लिया हूं। अब मेरा दंड पूरा हो गया और अब मैं जाता हूं ।जो प्रभु करते है अच्छे के लिए करते है ।

विशेष ,,, विधि का विधान जीवात्माओ के कल्याण के लिए बना है ! "ईश्वर दयालु है !" आपके ऐसे " विश्वास एवं मान्यताओं" को गति तब ही मिलती है जब आप दुसरो के प्रति दया का भाव रखते है क्योंकि जो आप बोते है वही आप काटेंगे ! Reaping what you sow . सृष्टि में घट रही घटनाओं पर आपको चिंतित होने की आवश्यकता नहीं है ! आवश्यकता है अपने कर्तव्यों के पालन की और नेक विचारो से जीवन जीने की ! यह तभी संभव है जब आपका जीव ( emotions ) यानि मन सात्विक अन्न से बना हो एवं सुविचारों का उत्पादन करता हो !

अज्ञात लेखकास समर्पित 🙏 मी फक्त त्यांचे विचार पुढे पाठवले ☝️


बेवजह है तभी तो दोस्ती है..

🥁🎷🎻

वजह होती तो व्यापार होता..साहेब

टिप्पण्या

या ब्लॉगवरील लोकप्रिय पोस्ट

12 वी , 10 वी बोर्ड परीक्षा वेळापत्रक🎸

 12 वी , 10 वी बोर्ड परीक्षा वेळापत्रक🎷 🔅~~●●○○ 🫐○○●●~~ 🔅 ┈┅━❀꧁꧂❀━•┈        ✍🏻  दहावी बारावी बोर्ड निकालावरूनच विद्यार्थी जीवनाला एक वेगळे वळण मिळते.  वर्षभर केलेला अभ्यास मोजक्या वेळेत व्यवस्थित मांडून वर्षभराच्या मेहनतीचे फलित निकालात मिळवणे ही एक कला आहे.  आपली ठरलेली उद्दिष्ट व ध्येयाप्रत जाण्यासाठी परीक्षा हा एक मार्ग आहे. आता आपण जेवढे कष्ट करू तेवढे कष्ट आपल्याला पुढे कमी करावे लागतील याची जाण विद्यार्थ्यांनी ठेवल्यास यशाकडे ते जातील.  🔴┈┉❀🏵||🏵❀┉┈🔴 💫 12 वी बोर्ड परीक्षा वेळापत्रक  🎷  👉  बारावी बोर्ड प्रात्यक्षिक व अंतर्गत मूल्यमापन परीक्षा  23 जानेवारी ते 9 फेब्रुवारी या कालावधीत होईल.   10 फेब्रुवारी - इंग्रजी 11 फेब्रुवारी - हिंदी 12  फेब्रुवारी - मराठी  16 फेब्रुवारी- भौतिकशास्त्र / Physics 18 फेब्रुवारी- रसायनशास्त्र / Chemistry 21 फेब्रुवारी- गणित / Mathematics 25 फेब्रुवारी- जीवशास्त्र / Biology ⌛  बारावी विज्ञान  सर्व पेपर 11 a.m. ते 2 p.m. या वेळेत आहेत. ●┈┉꧁...

10 th,Sci.I, Periodic classification of elements I.

10 th, Sci.I,Periodic classification of elements I.   ▬▬▬۩۞۩▬▬▬ आपल्या माहिती विज्ञानाची 🎷 या What's App समूहात सामील होण्यासाठी खालील निळ्या लिंकला🔗 स्पर्श करा👇 माहिती विज्ञानाची 🎷 ▬▬▬۩۞۩▬▬▬ As we grown up, we forget the definition and some terms or do not fully/ totally understand the exact meaning of those words. Today's main objective is to increase basic chemistry knowledge with gradual study . In science meaning of unchangeable terms are useful in day today life .  🎻  Definition of element :- Element is a substance that cannot be broken down into simpler substances by chemical means. Element is also defined as a pure substance made up of only one kind of atom which can't be split up into two or more substance. Ex. Silver Ag ,   Chlorine Cl ~*◄⏤͟͞✥➳  🪷 Atom :- An atom is the basic building block. Atom is the smallest unit of matter that has the characteristic properties of an element. In the nucleus of atom positively charged protons p and ne...

10 वी, भाग 1, गुरुत्वकर्षण. मराठी .,10 th, Part 1, Gravitation Exercise in Marathi 🎷

  १० वी, भाग १, गुरुत्वकर्षण. मराठी .🎷 व्हॉट्स ॲप ग्रुप आता सामील व्हा ( माफ करा🙏 फॉन्ट प्रॉब्लेम मुळे हा स्वाध्याय खराब झाला आहे. हा स्वाध्याय दुरुस्तीसाठी सध्या आहे. कृपया सध्या पाहू नये) न्यूटनचा वैश्विक गुरुत्वकर्षणाचा सिद्धांत. न्यूटनचा गुरुत्वकर्षणाचा सार्वत्रिक नियम लिहा. अवकाश पृथ्वीच्या स्थानावर g चे मूल्य उताराची किंमत.....% ने असते.  अंतर स्थानात g चे मूल्य  पृथ्वीला घडवण्यासाठी त्याचे मूल्य फक्त........ % कमी असते. ....... हे परवर्तक दुर्बिण तयार करणारे आधी होते. ...........  हे परवर्तक दुर्बिणी बनवणारे आधी होते. अभिकेंद्री बल म्हणजे काय? केंद्राभिमुख प्रदान करा. SI एक प्रणाली G चे एक ...... आहे. SI एककात जीचे मूल्य ........ आहे. ..... म्हणजे विद्युत चुंबकीय तरंग. ...... हा एक प्रकार आहे ज्याला इलेक्ट्रोमॅगटिक वेव्ह्ने म्हणतात. ......... म्हणजे एखाद्या शंकूला एक प्रतलाने तिरके छेदले तयार होणार आकृती. ........ म्हणजे शंकूला कलत्या प्रतलाने कापल्यावर  वक्र. ग्रहाची इच्छाही........ आणि सूर्याचा कक्ष एका नाभीवर असतो. ज्याच्या एका...